गुर और सतगुरु मे भेद कबीर परमेश्वर जी ने गुरू और सतगुरू में भेद बताया तथा सच्चे गुरु के लक्षण बताए। सतगुरु के लक्षण कहु, मधुरे बेन विनोद, चार वेद छः सास्त्र, वो कह अट्ठारह बोध।। कबीर साहेब जी ने तत्वज्ञान दिया कि मानव जीवन में सतगुरु बनाकर भक्ति करना परमावश्यक है। सच्चे गुरु की शरण में जाकर दीक्षा लेने से ही पूर्ण लाभ मिलेगा, अन्यथा मानव जीवन बर्बाद है। वर्तमान में पूर्ण सतगुरु केवल संत रामपाल जी महाराज ही हैं। उनसे सतभक्ति प्राप्त करके मोक्ष प्राप्त www.jagatagururampalji.org करें।
Popular posts from this blog
623 वा कबीर साहेब प्रकट दिवस कबीर साहेब का प्रकट दिवस होता है, जयंती नहीं सन् 1398 (विक्रमी संवत् 1455) ज्येष्ठ मास शुद्धि पूर्णमासी को ब्रह्ममूहूर्त में अपने सत्यलोक से सशरीर आकर परमेश्वर कबीर बालक रूप बनाकर लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर विराजमान हुए। पूर्ण परमात्मा का माँ के गर्भ से जन्म नहीं होता। आदरणीय गरीब दास जी ने भी अपनी वाणी के माध्यम से यह बताया है कि परमात्मा कबीर जी की कोई माता नही थी अर्थात उनका जन्म माँ के गर्भ से नही हुआ। गरीब, अनंत कोटि ब्रह्मांड में, बंदीछोड़ कहाय। सो तो एक कबीर हैं, जननी जन्या न माय।। www.jagatgururampalji.org
Bible हमेशा सुनते है कि सबका मालिक एक है लेकिन वो है कौन? ईसाई लोग कहते है कि परमात्मा का प्रकाश देखा जाता है परमात्मा आकार मे नही है आईए हम जानते है कि पवित्र बाईबल मे परमात्मा के बारे मे क्या बताया गया है बाइबिल मे लिखा है कि मनुष्य को प्रभु ने अपने ही स्वरूप जैसा बनाया है और 6 दिन मे सृष्टि रची ओर 7 वे दिन तख्त पर जा बेठा पवित्र बाईबल मे प्रभु मानव जैसा साकार है उत्पति ग्रन्थ पृष्ट नं.2.पर अ.1:20-2:5 पर परमेश्वर ने कहा कि हम मनुष्य को अपनी समानता मे बनाए तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने ही स्वरूप के अनुरूप उत्पन किया |नर और नारी करके मनुष्यों कि सृष्टी की|