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Showing posts from June, 2020

Drug

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नशा नशे के बारे मे तो सभी जानते है कि नशा इंसान को बर्बाद कर देता है या फिर नशा इंसान का नाश करता है अनेक प्रकार कि नशीली वस्तुए है जिनका लोग उपयोग करते है जैसे- शराब, गाजा, अफिम, ड्रग्स,हिरोइन, बिड़ी, तम्बाकू, भांग आदि नशे से नुकसान  छोटे छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी नशे के आदी हो चुके है   युवा पीढ़ी पर नशे का दुष्प्रभाव अधिक पड़ रहा है |सबसे पहले नशा इंसान के शरीर को कमजोर करता है फिर इंसान का शारीरिक, मानसिक, और आर्थिक नुकसान भी अधिक होता है और इंसान समय से पहले दुनिया को अलविदा कह जाता है जिसके चलते अनेक परिवार बिखर जाते है परिवार पर दुखो क पहाड़ टुट पड़ता है हंसते-खेलते परिवार मे मातम छा जाता है| नशे से बचाव सरकार द्वारा अनेक नशामुक्ति अभियान चलाए जा रहे है लेकिन ये अभियान इतने सफल नही हो पाते है  कुछ लोग नशामुक्ति सेटर मे जाने के बाद भी नशा नहीं छोड़ पाते है  जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी महाराज के तत्वज्ञान से उनके शिष्य  नशामुक्त हो रहे है  सतगुरु रामपाल जी महाराज ने सतसंग मे बताया है कि जो लोग नश...
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Bible हमेशा सुनते है कि सबका मालिक एक है लेकिन वो है कौन?  ईसाई लोग कहते है कि परमात्मा का प्रकाश देखा जाता है  परमात्मा आकार मे नही है आईए हम जानते  है कि पवित्र बाईबल मे परमात्मा के बारे मे क्या बताया गया है बाइबिल मे लिखा है कि मनुष्य को प्रभु ने अपने ही स्वरूप जैसा बनाया है और 6 दिन मे सृष्टि रची ओर 7 वे दिन तख्त पर जा बेठा पवित्र बाईबल मे प्रभु मानव जैसा साकार है उत्पति ग्रन्थ पृष्ट नं.2.पर अ.1:20-2:5 पर  परमेश्वर ने कहा कि हम मनुष्य को अपनी समानता मे बनाए तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने ही स्वरूप के अनुरूप उत्पन किया |नर और नारी करके मनुष्यों कि सृष्टी की|
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कबीर परमात्मा कि लिलाए जब द्रोपती जी अविवाहित थी उस समय वह अपनी नोकरानीयो के साथ नदी पर स्नान करने गयी थी | वहा एक अन्धा महात्मा स्नान कर रहा था वह महात्मा लड़कियो कि आवाज सुन कर गहरे पानी मे चला गया |द्रोपती जी ने देखा कि महात्मा जी स्नान कर रहै है बाहर आएगे तो ज्ञान चर्चा करेगे तब तक हम भु स्नान कर लेगे  जब द्रोपती जी ने स्नान कर लिया और देखा कि महात्मा जी अभी तक नदी मे ही खड़े हो तो द्रोपती जी ने ध्यान से देखा तो ऐसा लगा कि महात्मा जी पानी मे कुछ खोज रहे है तब द्रोपती समझ गई कि महात्मा जी के पास कपड़ा नही है जिसे पहन कर वह नदी से बाहर आ सके तब द्रोपती जी ने अपनी साड़ी का कुछ हिस्सा काट कर जिस तरफ पानी बह रहा था वहा पानी मे छोड़ दिया ऐसे 6-7 बार कपड़ा महात्मा जी के हाथ कपड़ा नही लगा फिर द्रोपती जी ने जगल से लम्बी लकड़ी उठाई उस लकडी़ के सहारे वह कपड़ा महात्मा जी के पास कर दिया महात्मा जी ने वह कपड़ा पकड़ लिया और परमात्मा का धन्यवाद किया  जब द्रोपती जी विवाह के पश्चात ससुराल चली गयी थी  पांडवो ने एक शिश महल बनाया था उस समय दुसाशन को भी आमन्त्रित किया था दुसाशन श...
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Kabir god जिनका अवतरण होता है उनका जन्म दिवस नहीं होता। कबीर परमात्मा हर युग में शिशु रूप में कमल के फूल पर अवतरित होते हैं, इसलिए उनका प्रकट दिवस मनाया जाता है हिन्दू मुस्लिम के बीच में, मेरा नाम कबीर। आत्म उद्धार कारणे, अविगत धरा शरीर।। कबीर साहेब ने इस वाणी में कहा है कि लोगो का आत्म उद्धार करने के लिए परमात्मा इस पृथ्वी पर प्रकट होते हैं। www.jagtgururampalji.org
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कबीर साहेब का जन्म नहीं होता! आदरणीय गरीब दास जी ने भी अपनी वाणी के माध्यम से यह बताया है कि परमात्मा कबीर जी की कोई माता नही थी अर्थात उनका जन्म माँ के गर्भ से नही हुआ। गरीब, अनंत कोटि ब्रह्मांड में, बंदीछोड़ कहाय।  सो तो एक कबीर हैं, जननी जन्या न माय।।  कबीर परमात्मा सशरीर सतलोक से आते हैं, उनका जन्म नहीं होता। जो देव जन्म मृत्यु के चक्कर में है उनकी जयंती मनाई जाती है लेकिन पूर्ण परमात्मा कबीर जी का प्रकट दिवस मनाया जाता है क्योंकि वो सत्यलोक से सशरीर पृथ्वी पर प्रकट होते हैं - "गगन मंडल से उतरे सतगुरु पुरूष कबीर” जलज माहि पौडन किए, सब पीरन के‌ पीर।। www. jagatagururampalji.org
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623 वा कबीर साहेब प्रकट दिवस कबीर साहेब का प्रकट दिवस होता है, जयंती नहीं सन् 1398 (विक्रमी संवत् 1455) ज्येष्ठ मास शुद्धि पूर्णमासी को ब्रह्ममूहूर्त में अपने सत्यलोक से सशरीर आकर परमेश्वर कबीर बालक रूप बनाकर लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर विराजमान हुए। पूर्ण परमात्मा का माँ के गर्भ से जन्म नहीं होता। आदरणीय गरीब दास जी ने भी अपनी वाणी के माध्यम से यह बताया है कि परमात्मा कबीर जी की कोई माता नही थी अर्थात उनका जन्म माँ के गर्भ से नही हुआ। गरीब, अनंत कोटि ब्रह्मांड में, बंदीछोड़ कहाय। सो तो एक कबीर हैं, जननी जन्या न माय।। www.jagatgururampalji.org
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गुर और सतगुरु मे भेद कबीर परमेश्वर जी ने गुरू और सतगुरू में भेद बताया तथा सच्चे गुरु के लक्षण बताए। सतगुरु के लक्षण कहु, मधुरे बेन विनोद, चार वेद छः सास्त्र, वो कह अट्ठारह बोध।। कबीर साहेब जी ने तत्वज्ञान दिया कि मानव जीवन में सतगुरु बनाकर भक्ति करना परमावश्यक है। सच्चे गुरु की शरण में जाकर दीक्षा लेने से ही पूर्ण लाभ मिलेगा, अन्यथा मानव जीवन बर्बाद है। वर्तमान में पूर्ण सतगुरु केवल संत रामपाल जी महाराज ही हैं। उनसे सतभक्ति प्राप्त करके मोक्ष प्राप्त www.jagatagururampalji.org करें।
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मीराबाई हर दिन कृष्ण के मंदिर में कृष्ण की भक्ति करने जाती थी 1 दिन रास्ते में उसने कबीर साहेब का सत्संग सुना सत्संग से ज्ञान हुआ कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब है उनके द्वारा बताई गई भक्ति मीराबाई ने की और अपना कल्याण कराया www.jagatagururampalji.org
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एक बार दिल्ली के राजा सिकंदर लोधी ने एक गर्भवती गाय को तलवार से काट दिया। तब राजा ने कहा कि कबीर, यदि तू खुदा है तो इस गाय को जीवित कर दे। साहेब कबीर ने उसी समय आशीर्वाद देकर मरी गाय को जीवित कर दिया तथा दूध की बाल्टी भर दी। दिल्ली के राजा सिकंदर लोदी द्वारा ढेरों परीक्षा लेने पर जब समर्थ भगवान कबीर जी का बाल भी बांका नहीं हुआ तो सिकंदरलोधी ने आधीनता से कहा  "आप कबीर अल्लाह है,बक्सों अबकी बार दास गरीब शाह कुं, अल्लाह रुप दीदार। www.jagatgururampalji.org